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केमद्रुम योग ( Kemdrum Yoga)

 

केमद्रुम योग (Kemdrum Yoga)

 

जब किसी जातक की कुंडली में चंद्र ग्रह के अगले घर और पिछले घर में कोई ग्रह नहीं हो तो केमद्रुम योग बनता है || जैसे चन्द्रमा बाहरवें घर में हो तो उस घर में सूर्य नहीं आना चाहिए यदि वाहरवें घर में सूर्य आ जाये तो चन्द्रमा का बल कमजोर हो जाता है  और फिर चन्द्रमा लाभ नहीं दे पाता है न ही शुभता का लाभ होता है और न ही अशुभता से हानि होती है || सूर्य के बिना और कोई भी ग्रह आ जाये तो उसे अनफा योग कहते है || और अगर दोनों ओर ग्रह हों तो उसे दुरुधरा योग कहते है || और अगर चंद्र ग्रह के अगले घर और पिछले घर में कोई ग्रह नहीं हो तो केमद्रुम योग बनता है ||

 

 

उपाय

 

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1. जिस व्यक्ति की कुंडली में केमद्रुम योग है तो उसे अकेले नहीं रहना चाहिए जब इस ग्रह का व्यक्ति अकेला रहता है तो उसके मन और मस्तिष्क में बुरे विचार आने लगते हैं क्योकि चन्द्रमा मन का स्वामी है और व्यक्ति मानसिक रूप से पीड़ित भी हो सकता है और योग की प्रबलता के अनुसार मानसिक संतुलन बिगड़ भी सकता है क्योकि कुंडली के घर में जब चन्द्रमा अकेला होता है तो ये योग बनता है ||

 

2. केमद्रुम योग के जातको को पूर्णिमा के उपवास करने चाहिए जब सोमबार के दिन पूर्णिमा आये तब उस दिन से पूर्णिमा के उपवास प्रारम्भ करने चाहिए जातक को उपवास लगातार 4  वर्ष तक करने चाहिए ||

 

3. सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और गाये का कच्चा दूध शिवलिंग पर “ॐ नमः शिवाये” का जाप करते हुए चढ़ाना चाहिए ||

 

4. बहते हुए पानी में जौं प्रवाह करे इस से आपको बहुत लाभ होगा ||

 

5. केमद्रुम योग वाले व्यक्तियों को वर्ष में एक बार दशांश हवन करना चाहिए ||

 

6. घर में दक्षिणाव्रती शंख स्थापित करना चाहिए तथा इसकी पूजा करनी चाहिए ||

 

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7. अपने जन्म दिवस पर महामृत्युंजय मंत्र का 108  बार जप करना चाहिए ||

 

8. दो मुखी, चार मुखी और पांच मुखी का कोई भी एक रुद्राक्ष लेकर, रुद्राक्ष मंतर से अभिमंत्रित कर के उसका लॉकेट बना कर सोमबार के दिन धारण इस से भी आपको बहुत लाभ होगा ||

 

9. बीसा यंत्र को अभिमंत्रित कर के अपने घर में रखें या मूंगा नग चाँदी की अंगूंठी बना कर अनामिका ऊँगली में धारण करें ||

 

लक्षण

 

1. केमद्रुम योग वाले व्यक्ति हमेशा अकेला रहता है और इनका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं रहता है ।।

 

सकारात्मक

 

1. केमद्रुम योग वाले लोगों का जीवन संघर्ष और अभाव ग्रस्त जीवन होता है ।।

 

2. हमारे देश की प्रथम महिला आईपी. एस किरण बेदी योग भी केमद्रुम योगों के कारण राजयोग में परिवर्तन हुआ है ।।

 

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नकारात्मक

 

1. केमद्रुम योग वाले लोगों का जीवन संघर्ष और अभाव ग्रस्त जीवन होता है ||

 

2. केमद्रुम योग वाले व्यक्ति का जीवन बहुत दुःखमय का और आर्थिक स्थिति से बहुत गरीब होता है ।।

 

3. इस योग वाले व्यक्ति को आजीविका संबधी कार्यो में परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।।

 

4. इस योग वाले व्यक्तियों का मन भटका हुआ तथा असंतुष्ट स्थिति  बनाये रखता है ।।

 

5. इस योग वाला व्यक्ति हमेशा दूसरों पर निर्भर रहता है ।।

 

6. केंद्रुम योग में जातक अपने घर परिवार से दूर रहता है ।।

 

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केमद्रुम योग कैसे खत्म होता है ??

 

1. केमद्रुम योग में जातक की कुंडली में चन्द्रमा के दूसरे घर और चौथे घर में कोई भी ग्रह न हो तो तब भी ये योग भंग हो जाता है ।।

 

2. यदि चन्द्रमा के साथ बुध ग्रह, गुरु ग्रह या शुक्र ग्रह साथ बैठते है तो भी ये योग भांग हो जाता है ।।

 

3. अगर चन्द्रमा से अलावा केंद्र में  कोई भी ग्रह हो तो ये योग भंग हो जाता है ।।

 

4. चन्द्रमा पर अगर गुरु की दृष्टि हो तो भी यह योग भंग हो जाता है ।।

 

5. बीसा यंत्र को अभिमंत्रित कर के अपने घर में रखें या मूंगा नग चाँदी की अंगूंठी बना कर अनामिका ऊँगली में धारण करें ।।

 

|| अगर आपका कोई सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है ||

 

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