Contact Now

पदम् काल सर्प दोष

 

यह दोष कुंडली में तब बनता है जब राहु पांचवें घर में स्थित होता है और केतु ग्यारहवें घर में विराजमान होता है और इन दोनो के मध्य बाकि सभी ग्रह होते है || यह दोष जातक को संतान सुख प्राप्त नहीं होने देता || ये तो शादी के बाद बच्चा नहीं होता और अगर हो जाता है तो वो स्वस्थ नहीं रहता या फिर बिगड़ जाता है ||

 

|| अगर आप पदम् काल सर्प दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं तो – क्लिक करे यहाँ ||

 

|| अगर आपका कोई सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है ||

Leave a comment

Subscribe To Our Newsletter
Subscribe To Our NewsletterJoin our mailing list to receive the latest news and updates from our team.

You have Successfully Subscribed!

Pin It on Pinterest

Share This