पदम् काल सर्प दोष

 

यह दोष कुंडली में तब बनता है जब राहु पांचवें घर में स्थित होता है और केतु ग्यारहवें घर में विराजमान होता है और इन दोनो के मध्य बाकि सभी ग्रह होते है || यह दोष जातक को संतान सुख प्राप्त नहीं होने देता || ये तो शादी के बाद बच्चा नहीं होता और अगर हो जाता है तो वो स्वस्थ नहीं रहता या फिर बिगड़ जाता है ||

 

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Pandit R.K. Shastri
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