कुलिक काल सर्प दोष

 

कुलिक काल सर्प दोष तब बनता है जब किसी की कुंडली में दुसरे घर में राहु और आठवें घर में केतु विराजमान हो हुए बाकि सात ग्रह इनके मध्य आ जाएं || जिसकी भी कुंडली में यह योग बनता है वो या तो किसी लम्बी बीमारी से ग्रस्त हो जाता है या फिर उसको कोई बुरी आदत लग जाती है जैसे की वो शराब पीनी शुरू कर देता है या फिर कोई और व्यसन का इस्तेमाल करने लग जाता है ||

 

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Pandit R.K. Shastri
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