How to celebrate Ganesha Chaturthi

गणेश चतुर्थी क्या है?

 

 गणेश चतुर्थी भारत का एक प्रसिद्ध त्यौहार है , जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है| इस दिन भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था , गणेश जी भगवान शिव के और माता पार्वती के छोटे पुत्र है | गणेश जी को बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है |

 

शिव पुराण के अन्तर्गत माता पार्वती जी ने स्नान करने से पहले अपने शरीर की मैल को और चन्दन को मिलाकर एक पुतला बनाया और उसमे प्राण डाल दिए और उसे गणेश का नाम दिया और उन्हे द्वार पाल का कार्य सौंपा और कहा की जब तक मेरा स्नान न हो जाये किसी को अंदर मत आने देना ||

 

जब गणेश जी पहरा दे रहे थे तभी शिवजी पार्वती जी से मिलने आ पहुंचे, पर गणेश जी ने उन्हे उनसे मिलने से रोका | भगवान शिव को यह अपना अपमान लगा और उन्होंने गुस्से मे आके गणेश जी का सर धड़ से अलग कर दिया |

 

जब पार्वती जी को यह पता चला तो बह बहुत उदास हुई और उन्होंने भगवान शिव से उन्हे पुनः जीवित करने के लिए कहा | अंतः भगवान शिव ने उन्हे गजमुख लगा के पुन र्जीवित किया | ज्योतिषी, तांत्रिक और बाबा इस दिन को बहुत महत्पूर्ण मानते है क्योंकि यह दिन वशीकरण  किर्याओं के लिए सबसे उत्तम है ||

 

What is Ganesh Chaturthi?

 

Ganesh Chaturthi is one of the biggest festivals of India which is also known as the Vinayak Chaturthi. It is celebrated as the birthday of Lord Ganesha who is the younger son of God Shiva and goddess Paravati who is the symbol of Good luck, wisdom and prosperity.

 

Goddess Paravati created an Idol with the paste of sandalwood and with dirt of her body and breathed life into it. And then gave him the name Ganesha as her son, she ordered him to stand as the guard till she takes the bath.

 

When Ganesha was guarding then there lord Shiva came to meet Paravati but Ganesha denied the entry and Lord Shiva became Angry with him and beheaded him. When Paravati learned this he pleaded Shiva to give life to him at once then he ordered other Devas to bring severed head.

 

But they were unable to find the human head and instead they brought the head of an elephant and the Shiva put that head on the shoulders of body of dead Ganesha and then he came into the life. This day is very important for astrologers, vashikaran practitioners, tantriks and baba’s because it is the perfect day for vashikaran remedies.

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गणेश चतुर्थी कब मनाई जाती है ?

 

गणेश चतुर्थी हिन्दू कैलेंडर के अन्तर्गत भाद्रपद के महीने में अगस्त के मध्य और सितंबर की शुरुआत मे मनाई जाती है|

 

When Ganesh Chaturthi is celebrated?

 

Ganesh Chaturthi is celeberated in the month of Bhadrapada according to the Hindu calendar which falls after the middle of August and in the starting of September. This year it is falling on the 5th September. But the celebrations start 10 to 15 days before with the Padya Pooja by worshiping feet of Lord Ganesha.

 


गणेश चतुर्थी कैसे मनाई जाती ?

 

गणेश चतुर्थी गणेश की मूर्ति के निर्माण के साथ शुरू होती है | लोग उस मूर्ति को अलग अलग जगह पे पंडाल लगा के स्थापित करते है ,और अपने घरो मे भी स्थापित करते है | सबसे पहले वह उस जगह की सफाई करते है, फिर वह उस मूर्ति को स्थापित करते है | और पंद्रह दिन उस मूर्ति की पूजा – अर्चना की जाती है | इन दिनों गणेश जी की फूलो से सजाबट की जाती है और उन्हे लड्डूओ का भोग भी लगाया जाता है ||

 

How Ganesh Chaturthi is celebrated?

 

Ganesh Chaturthi starts with the making of idols of Ganesha. People use to place them at some temporary Pandals which are erected with the collections made from the local area. And people also place them at their homes, before taking the idol at their home they first clean the home and decorate it with flowers and lights.

 

Special Pooja and celebrations are done for the incarnation of the idol either it is done at home or at publicly. The idol is placed with the the drum beats and people dance and play with Sindoor by putting on each other.

 

गणेश पूजा के लिए विधि क्या है?

 

1. सबसे पहले एक साफ़ सुथरी जगह का चयन करे, और फिर उसी जगह पर एक लकड़ी की चौकी रखे और उसपर लाल कपड़ा डाल दें||

 

2. फिर गणेश जी की मूर्ति को उस चौकी के ऊपर रखे ||

 

3. एक मिटि का दिया जलाये और कुछ अगरबत्तियां जलाये ||

 

4. गणेश जी का स्वागत करे और उनका आशीर्वाद ले ||

 

5. मूर्ति के ऊपर गंगा जल छिड़के और मौली का धागा चढ़ाये ||

 

6. मूर्ति के मस्तिक पर रोली के साथ तिलक लगाए अथबा पंचोपचार की पूजा करे ||

 

7. मूर्ति के आगे दिया और अगरबत्ती रखे और फूलो का हार चढ़ाये ||

 

8. मूर्ति पर मोदक ,फल, गंगा जल , घास की पत्तियां और फूल चढ़ाये ||

 

9. अब गणेश बीज मंत्र का 108 बार उचारण करे “ओम गण गणपतये नमः”||

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What is the method for the Ganesh Pooja?

 

1. Before placing the idol place the wooden Chowki and spread red cloth on it.

 

2. Then place the idol of Lord Ganesha on the Chowki.

 

3. Now light a earthen lamp and some incense sticks.

 

4. Welcome the lord and pray for blessings.

 

5. Sprinkle Ganga jal on an idol and offer sacred threads.

 

6. Put Tilak on the forehead of the idol with Roli and pay Panchopchar Pooja.

 

7. Show earthen lamp and incense to the idol and offer flower garland.

 

8. Then offer Modak (Laddoo), fruits, sacred water, grass leaves and flowers.

 

9. Now recite the Ganesh Beej Mantra “Om Gun Ganpataye Namah” for 108 times to please lord Ganesha and for getting his blessings.

 

गणेश मूर्ति की स्थापना के लिए शुभ समय ||

 

घर पर गणेश जी की मूर्ति स्थापना का सुबह मूहर्त ४ सितम्बर 2016 लाभ समय 9.33 बजकर से लेकर 11 :05 तक है और अमृत समय मे 11:05 से 12:37 है, और शाम के समय मूर्ति स्थापित करने का शुभ मूहर्त है 14 :10 से 15:52 तक अथवा 18:47 से लेकर 21:42 भारतीय मूल समय के अनुसार ||

विशेष सूचना:- ऊपर दिया गया समय मूर्ति स्थापना के लिए है और नीचे दिया गया शुभ मूहर्त गणेश पूजा के लिए है |

Auspicious time for placing the idol of Ganesha at home:-

 

Auspicious time for placing the idol of Lord Ganesha at home is on 4th September 2016 during the Labh time is between 09:33 to 11:05 and 11:05 to 12:37 during Amrit time and during the evening time the idol can be brought at home during the Shubh time 14:10 to 15:52 and between 18:47 to 21:42 according to the Indian standard.

 

Note:- The above timing is for the placement of an idol of the lord Ganesha and the below timing is for the GANESHA Poojan.

गणेश पूजा का सुबह मूहर्त

 

गणेश पूजा का शुभ मूहर्त 5 सितम्बर दिन के 11.10 से 01.39 तक है

 

Auspicious time for Ganesh Pooja:-

 

On 5th Spetember is between 11:10 to 1:39 during the day.

 

गणेश विसर्जन क्या है ?

 

गणेश विसर्जन एक समारोह है जिसमें गणेश मूर्ति को पानी मे विसर्जित कीया जाता है यह गणेश चतुर्थी के 11 दिन बाद मनाया जाता है ||

 

What is Ganesh Visarjan?

 

Ganesh Visarjan is the ceremony in which the idol of the Lord Ganesha is immersed into the water. It is done after the 11 days of Ganesh Chaturthi. This ceremony is practiced to learn the truth of life that everything which is in some form has to be transformed one day.

 

गणेश विसर्जन का शुभ मूहर्त

 

इस साल गणेश विसर्जन का शुभ मुहर्त 15 सितम्बर के दिन सुबह 6:15 से लेकर 3 :18 तक है||

 

Auspicious time for Ganesh Visarjan:-

 

This year the Auspicious time for Ganesh Visarjan on the 15th September is between 06:15 am to 03:18 pm for the immersion of idols of Ganesha in the water.

 

सावधानियॉ

 

1. गणेश चतुर्थी के दिन चाँद को देखना अशुभ माना जाता है ||

 

2. इस दिन गणेश जी ने चाँद को श्रापित कीया था ||

 

3. अगर इस दिन चाँद को देखो गे तो आप पर झूठा इलज़ाम लग सकता है ||

 

Precautions to be followed:-

 

1. It is inauspicious to see the moon on Ganesh Chaturthi.

 

2. It is said that Ganesh ji has cursed Moon.

 

3. If you see the moon then you can be falsely blamed for something.

अगर आपका कोई भी सबाल है तो निचे दीये हुए कमेंट बॉक्स में कमेंट करे ||

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